
मांडू में तिलक संस्था के द्वारा शरद पूर्णिमा पर दूध खीर का आयोजन रखा
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
मांडू न्यूज/हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को मनाई गई। सनातन धर्म में इस दिन का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होते हैं और उनकी किरणों में अमृत बरसता है। शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु व चंद्र देव की पूजा का विधान है। इस दिन की चांदनी और खीर का प्रसाद दोनों ही समृद्धि और सौभाग्य के प्रतीक हैं। शरद पूर्णिमा की रात घर-घर में खीर बनाई जाती है और चंद्रमा को अर्पित की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन खीर का प्रसाद इतना खास क्यों होता जब चतुर्भुज श्री राम मंदिर के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉक्टर नरसिंह दास जी महाराज द्वारा पत्रकार राहुल सेन मांडव को बताया गया महाराज जी के द्वारा बताया गया की शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
शरद पूर्णिमा की रात चांदनी रात के रूप में जानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में धन और सौभाग्य का आगमन होता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान इसी दिन मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इसीलिए इस दिन को लक्ष्मी प्रकटोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। वही खीर बनाने की परंपरा शरद पूर्णिमा के दिन रात में खुले आसमान के नीचे दूध और चावल से बनी खीर को चांद की रोशनी में रखा जाता है। ऐसा करने से खीर में चंद्रमा की शीतलता और अमृत तत्व समा जाता है। इस खीर को भगवान को भोग लगाकर प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। मान्यता है कि इस प्रसाद से रोग दूर होते हैं और मन को शांति मिलती है। वही मांडू तिलक संस्था के द्वारा मांडू के अति प्राचीन मंदिर भिलट देव मंदिर पर तिलक संस्था के द्वारा दूध और खीर का आयोजन रखा गया जिसमें तिलक संस्था के युवा ओ के द्वारा सभी को दूध और खीर वितरित की गई वही तिलक संस्था के सदस्य तन्मय जायसवाल द्वारा बताया गया कि हमारे तिलक संस्था के द्वारा प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा पर मांडू के प्राचीन भिलट देव मंदिर पर दूध और खीर का आयोजन रहता है इसमें हमारे साथ तिलक संस्था के सदस्य राकेश चौधरी,विकाश यादव, यश (चिंटू ) जयसवाल ,राहुल सेन मांडव,सुनील भव, तपते भगवासा ,समर्थ श्रीवास, हर्ष लिलर, रितेश पटेल, चेतन चौहान,राज लीलर, कनिष्क यादव, आनंद (नंदी) आर्य सभी ने मिलकर मांडू के प्राचीन बाबा भिलेट देव मंदिर पर खीर प्रसाद और दूध गर्म क्या और सभी को वितरित किया